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Urdu Poetry

Some shayari…

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अब है सोचा कि तुझको न अब सोचेंगे महज़ ख़याल की ख़ुशबू से महक उठते हैं। सरे महफ़िल ख़ामोश ही रहते हैं हम बात बे बात पे बेवजह चहक उठते हैं। तेरी गलियों में आना…